सहवृत्‍त संस्‍थान - रावत सारस्वत स्मृति संस्थान

राजस्थानी भाषा के पुरोधा साहित्यकार स्वर्गीय श्री रावत सारस्वत की स्मृति में "रावत सारस्वत स्मृति संस्थान, चूरू" का गठन वर्ष २००५ में किया गया।
(रावत सारस्वत के बारे में जानने के लिए www.eakataprakashan.blogspot.comजाकर 'रावत सारस्वत' पर क्लिक करें)

संस्थान की प्रथम कार्यकारिणी :-
संरक्षक :- बैजनाथ पंवार
अध्यक्ष :- भंवरसिंह सामौर
उपाध्यक्ष :- श्रीभगवान सैनी
सचिव :- दुलाराम सहारण
कोषाध्यक्ष :- कमल शर्मा
सदस्य :- सात
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पुस्तक विमोचन समारोह

७ मई, २००६

उद्देश्य :- राजस्थानी बाल साहित्य की पुस्तकों का विमोचन। साहित्यकार रावत सारस्वत का स्मरण।
विमोचन :-
क्रिकेट रो कोड (राजस्थानी बाल कहानी) - दुलाराम सहारण

जंगळ दरबार (राजस्थानी बाल उपन्यास) - दुलाराम सहारण
कार्यक्रम रूपरेखा :-
विमोचन कर्ता :- डॉ देव कोठारी, अध्यक्ष, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर

मुख्य अतिथि :- श्री रामनिरंजन शर्मा 'ठिमाऊ' , वरिष्ठ बाल साहित्यकार, पिलानी

विशिष्ट अतिथि :- वी के गौड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, चूरू
श्री सोहनसिंह दुलार, प्राचार्य, चूरू बालिका महाविद्यालय, चूरू
स्वागत :- भंवरसिंह सामौर
आभार :- दुलाराम सहारण
संयोजक :- दुर्गेश
सञ्चालन :- कमल शर्मा




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रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार :-
संस्थान ने तय किया कि प्रति वर्ष श्री रावत जी के नाम से राजस्थानी भाषा की पुस्तक पर ५१०० रूपये का पुरस्कार शुरू किया जाए। श्री रावत जी के सुपुत्र श्री सुधीर सारस्वत को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने पुरस्कार राशि अपनी तरफ़ से देने की इच्छा व्यक्त की। संस्थान ने सहर्ष सहमति प्रदान की। आयोजन व्यय संस्थान के जिम्मे रहा।
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रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००६
प्रथम पुरस्कार के लिए संस्थान ने विज्ञप्ति निकालकर राजस्थानी के साहित्यकारों से निर्धारित तिथि तक पुस्तकें मांगी। वर्ष २००६ के उक्त पुरस्कार हेतु कुल १४ पुस्तकें आई। निर्णायकों के रूप में संस्थान ने श्री डॉ किरण नाहटा (बीकानेर), श्री भूपति राम साकरिया (श्री वल्लभनगर-गुजरात), श्री नन्द भारद्वाज (जयपुर) को तय किया। अंक आधार पर श्री भरत ओळा (नोहर) की पुस्तक "सेक्टर नं ५" की पुस्तक पुरस्कार के लिए चुनी गयी।
पुरस्कार वितरण 'रावत सारस्वत जयंती समारोह' पर दिया जाना प्रस्तावित था। इसलिए श्री रावत जी की जयंती २२ जनवरी पर समारोह का आयोजन किया गया व वर्ष-२००६ का 'रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार' प्रदान किया गया।


रावत सारस्वत जयंती समारोह -२००७
२२ जनवरी, २००७
सभागार-जैन श्वेताम्बर तेरापंथी उ मा विद्यालय, चूरू

कार्यक्रम रूपरेखा :-
मुख्य अतिथि :- श्री ओंकार सिंह लखावत, अध्यक्ष, धरोहर संरक्षण प्रोन्‍नति प्राधिकरण, जयपुर
श्री नन्द भारद्वाज, निदेशक, दूरदर्शन केन्द्र, जयपुर
अध्यक्ष :- श्री रमाकांत ओझा, अध्यक्ष, नगरपालिका, चूरू
विशिष्ठ अतिथि :- डॉ मदन सैनी, साहित्यकार, बीकानेर
पंकज गुप्ता, सचिव, जिला कैमिस्ट एसोशिएशन, चूरू
लालचंद मूंड, अध्यक्ष, चूरू जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, सरदारशहर

वितरण : रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००६ (श्री भरत ओळा - पोथी 'सेक्टर न -५')
खास : साहित्यकार चित्र प्रदर्शनी - प्रयास संस्थान, चूरू द्वारा
विमोचन :-
चिडपडाट
(राजस्थानी काव्य संग्रह) - विश्व नाथ भाटी
सुपनो वासवदत्ता रो (अनुदित नाटक) - देवकरण जोशी दीपक
'मरुभासा' (रावत सारस्वत व पुरस्कार केंद्रित स्मारिका)


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रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००७
रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००७ के लिए रावत सारस्वत स्मृति संस्थान द्वारा विज्ञप्ति निकली गयी। निर्धारित तिथि तक कुल २३ पुस्तकें प्राप्त हुई। संस्थान ने निर्णायकों के रूप में श्रीयुत डॉ जहूर खान मेहर (जोधपुर), डॉ गोरधनसिंह शेखावत (सीकर) व डॉ चंद्र प्रकाश देवल (अजमेर) को तय किया। अंक आधार पर किए गये निर्णय में श्री अस्त अली खान मालकन (डीडवाना-नागौर) के महाकाव्य "रामा पीर" को सर्वाधिक अंक मिले। इसलिए वर्ष २००७ का उक्त पुरस्कार उनके नाम घोषित किया गया। पुरस्कार रावत सारस्वत जयंती समारोह के अवसर पर प्रदान किया जाना प्रस्तावित हुआ।




रावत सारस्वत जयंती समारोह -२००८
२२ जनवरी, २००८
सभागार-जैन श्वेताम्बर तेरापंथी उ मा विद्यालय, चूरू

कार्यक्रम रूपरेखा :-

मुख्य अतिथि :- श्री पदम मेहता, संपादक- माणक मासिक व जलते दीप दैनिक, जोधपुर
श्री मिलाप दुगड़, कुलपति, आई एस ऐ इ विश्वविद्यालय, सरदारशहर

अध्यक्ष :- श्री रमाकांत ओझा, अध्यक्ष, नगरपालिका, चूरू
विशिष्ठ अतिथि :- श्रीयुत डॉ ऍफ़ एच गौरी, अध्यक्ष जिला चिकित्सक संघ, चूरू
वितरण :

रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००७ (श्री अस्त अली खां मलकांण - पोथी 'रामा पीर')





विमोचन :- 'मरुभासा' (रावत सारस्वत व पुरस्कार केंद्रित स्मारिका)

रावत सारस्वत स्मृति संस्थान, चूरू (राज)
क्रं.- विज्ञप्ति पुरस्कार-२००८

दिनांक- २५ नवम्बर, २००८


रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००८ के लिए प्रविष्ठियां आमंत्रित


संक्षिप्त नियम-शर्तें


राजस्थानी भाषा के ख्यातनाम साहित्यकार स्व. रावत सारस्वत के नाम पर स्थापित पुरस्कार के संदर्भ में सूचित करते हुए परम हर्ष हो रहा है कि -
रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००८ हेतु प्रविष्ठियां आमंत्रित हैंं।
राजस्थान निवासी कोई भी लेखक अपनी किसी एक राजस्थानी पुस्तक को पुरस्कार प्रविष्ठि के रूप में भिजवा सकता है। राजस्थान निवासी से अभिप्राय राजस्थान में जन्म लेने वाला या विगत दस वर्षों से लगातार राजस्थान में निवास करने वाला अभिप्रेत है।
पुस्तक वर्ष २००३, २००४, २००५, २००६, २००७ में छपी होनी चाहिए।
पुस्तक कम से कम ८० पृष्ठ की डिमाई साइज में होनी चाहिए।
पुस्तक किसी भी विधा में हो सकती है।
प्रविष्ठि रूप पुस्तक की पांच प्रतियां प्रेषित करनी होगी। (तीन पुस्तकें तीन निर्णायकों के लिए एक-एक, एक पुस्तक स्व. रावत सारस्वत के सुपुत्र सुधीर सारस्वत के लिए व एक पुस्तक संस्थान के लिए आवश्यक होगी।)
पूर्व वर्षों में पुरस्कार हेतु भेजी गई पुस्तक इस वर्ष पुन: शामिल नहीं हो सकेगी।
लेखक को अपने दो पासफोर्ट साइज फोटो के साथ अपना जीवन परिचय व पुरस्कार नियमांे की मान्यता की सूचना भी प्रेषित करनी होगी। (घोषणा प्रारूप नीचे प्रकाशित है।)
प्राप्त प्रविष्ठियों का मूल्यांकन समिति द्वारा मूल्यांकन करवाकर सर्वश्रेष्ठ घोषित किसी एक कृति पर पुरस्कार दिया जाएगा।
मूल्यांकन समिति में तीन अलग-अलग नगरों के राजस्थानी भाषाविद सदस्य होंगे। जिनसे अलग-अलग मूल्यांकन अंकों के आधार पर करवाया जाएगा और कुल योग के अंकों की अधिकता ही श्रेष्ठता का मापदण्ड होगा।
निर्णय पूर्णतया निष्पक्ष होगा और तीनों निर्णायकों को भी निर्णय होने तक एक-दूसरे के विषय मंे पता नहीं होगा।
निर्णायकों के पास विषय प्रतिपादन अभिव्यक्ति शिल्प व भाषा शैली के चार भाग २५-२५ अंक के मानकर कुल १०० अंकों का प्रपत्र, प्राप्त पुस्तकों की एक-एक प्रतियों के साथ भिजवाया जाएगा। पुस्तकें निर्णायकों को वापस नहीं करनी होगी व निर्णय पत्रक भरकर भेजना होगा। इस ढंग से तीनों निर्णायकों से प्राप्त पत्रक से अंक जोड़े जाएगें व कुल ३०० अंकों के योग का अंतिम निर्णय पत्रक तैयार किया जाएगा। कुल योग में सर्वाधिक अंक प्राप्त कृति के नाम पुरस्कार घोषित किया जाएगा।
मान-सम्मान के अलावा पुरस्कार की राशि ५१०० रु. नगद होगी।
राशि ५१०० रुपये से ज्यादा की राशि का कोई भी दुसरा पुरस्कार प्राप्त कर चुकी पुस्तक इस पुरस्कार हेतु शामिल नहीं हो सकेगी।
यह पुरस्कार वर्ष २००६ से रावत सारस्वत के सुपुत्र श्री सुधीर सारस्वत के सौजन्य से प्रतिवर्ष दिया जाएगा। जिसकी संयोजकीय भूमिका रावत सारस्वत स्मृति संस्थान, चूरू निभाएगा।
पुरस्कार की प्रविष्ठियां २५ दिसम्बर, २००८ तक दुलाराम सहारण, सचिव, रावत सारस्वत स्मृति संस्थान, गांधीनगर, पो. चूरू - ३३१ ००१ के पते पर पहुंच जानी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए मो. नं. ९४१४३ २७७३४ पर सम्पर्क किया जा सकता है।
संस्थान द्वारा घोषित अंतिम निर्णय सभी प्रतिभागियों को मान्य होगा। इस विषय में कोई भी वाद स्वीकार्य नहीं होगा।
सादर।

(भंवरसिंह सामौर) (दुलाराम सहारण)
अध्यक्ष सचिव


नैम-मानता घोसणा

सेवा मांय,


अध्यक्ष/सचिव
रावत सारस्वत स्मृति संस्थान
चूरू-३३१००१


विसै : 'रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००८` सारू प्रविष्ठि भेळी करण अर नैम मानता री हामळ बाबत।


मानजोग,


म्हैं---------------------निवासी ........................................... म्हारी पोथी ................................... री पांच पड़तां, म्हारो परिचै अर दो फोटूवां साथै ''रावत सारस्वत साहित्य पुरस्कार-२००८`` री प्रविष्ठि सारू भिजवावूं हूं।
म्हैं घोसणा करूं हूं कै आ` पोथी म्हारी मौलिक है अर इण माथै कोई दूजो ५१०० रिपियां सूं बेसी रो इनाम कोनी मिल्यो थको।
संस्थान रा नैम-कायदा देख लिन्हां अर म्हैं उणां नै मानण री घोसणां करूं। म्हनैं संस्थान रो छेकड़लो निर्णय मंजूर होसी।


तारीख :

दस्तखत :

नांव अर पूरो ठिकाणो :
फोन/मोबाइल नं :

वर्ष 2008 का रावत सारस्‍वत साहित्‍य पुरस्‍कार बीकानेर के श्री देवदास रांकावत को दिया गया।