डॉ. घासीराम वर्मा साहित्‍य पुरस्‍कार-2010


28 अगस्‍त, 2010, शनिवार
नगरश्री सभागार, चूरू (राजस्‍थान)

कार्यक्रम रूपरेखा :

मुख्‍य अतिथि : श्रीमती नासिरा शर्मा, साहित्‍यकार, नई दिल्‍ली

अध्‍यक्ष : डॉ. घासीराम वर्मा, शिक्षाविद, झुंझुनू

विशिष्‍ट अतिथि : डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, आलोचक, जयपुर

प्रधान वक्‍ता : गिरिराज किराडू, साहित्‍यकार, बीकानेर


सम्‍मान्‍य : श्री हेमंत शेष, जयपुर (पुस्‍तक 'जगह जैसी जगह')

मां शारदे वंदन :-


सम्‍मान्‍य साहित्‍यकार का सम्‍मान :

पुरस्‍कार अर्पण :-

समारोह केन्द्रित स्‍मारिका 'प्रयास-5' का विमोचन :-


समाचार पत्रों की नजर में समारोह :-








समारोह 28 अगस्‍त, 2010 को
डॉ. घासीराम वर्मा साहित्‍य पुरस्‍कार वितरण समारोह 28 अगस्‍त, 2010 को सूचना केन्‍द्र, चूरू (राजस्‍थान) में आयोज्‍य :




डॉ
. घासीराम वर्मा साहित्‍ पुरस्‍कार-2010
की घोषणा-

श्री हेमंत शेष की भारतीय ज्ञानपीठ से प्रकाशित काव्‍य कृति 'जगह जैसी जगह' के नाम वर्ष 2010 का डॉ. घासीराम वर्मा साहित्‍य पुरस्‍कार घोषित किया जाता है। यह पुरस्‍कार श्री हेमंत शेष को 28 अगस्‍त, 2010 को चूरू में प्रदान किया जाएगा।





28 दिसम्‍बर, 1952 को जयपुर में जन्‍में हेमंत शेष हिन्‍दी साहित्‍य में काफी दखल रखते हैं। उनकी अब तक बीस से अधिक पुस्‍तकें प्रकाशित हैं। जिनमें 'जारी इतिहास के विरूद्ध', 'घर बाहर', 'वृक्षों के स्‍वप्‍न', 'नींद में मोहनजोदड़ो', 'अशुद्ध सारंग', 'कष्‍ट के लिए क्षमा', 'रंग अगर रंग है', 'कृपया अन्‍यथा न लें', 'आपको यह जानकर प्रसन्‍नता होगी', 'बहुत कुछ जैसा कुछ नहीं' व 'प्रपंच सार सुबोधिनी' काव्‍य कृतियां शामिल हैं।
श्री हेमंत शेष चित्रकला एवं फोटोग्राफी में काफी दक्षता रखते हैं। उनकी अनेक प्रदर्शनी इसके संबंध में लग चुकी हैं। श्री शेष 'कला प्रयोजन' नामक पत्रिका का संपादन भी कर रहे हैं।



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डॉ. घासीराम वर्मा साहित्‍य पुरस्‍कार-2010 हेतु संस्‍तुति आमंत्रित
राजस्‍थान के हिंदी रचनाकार की वर्ष 2005-2009 के मध्‍य प्रकाशित किसी एक कृति को दिया जाएगा पुरस्‍कार
सिर्फ नाम 30 जून, 2010 तक
हमें मेल करें
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2008 में डॉ. सत्‍यनारायण कृति 'सितम्‍बर में रात' के लिए तथा 2009 में मनीषा कुलश्रेष्‍ठ कृति 'कठपुतलियां' के लिए सम्‍मानित


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प्रयास संस्थान

चूरू-३३१००१ राजस्थान

डॉ. घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार
पुरस्कार नियम

१. राजस्थान के हिन्दी लेखन को प्रोत्साहन-सम्मान देने के लिए वर्ष-२००८ से यह वार्षिक पुरस्कार प्रारम्भ किया गया।
राजस्थान से तात्पर्य जन्म राजस्थान में होना या फिर विगत दस वर्षों से राजस्थान में निवासी होना होगा।
२. इस पुरस्कार का नाम 'डॉ. घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार` रहेगा।
३. पुरस्कार किसे दिया जाये; इसका निर्धारण विगत वर्ष/वर्षों में प्रकाशित कृतियों के मूल्यांकन के बाद संस्थान कार्यकारिणी द्वारा किया जायेगा। किसी एक रचनाकार की कोई एक कृति का चयन पुरस्कार के लिए किया जाएगा।
४. चयनित लेखक को ५१०० रुपये नगद, शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न आदि पुरस्कार/सम्मान स्वरूप दिये जायेंगे। यात्रा-व्यय, भोजन व आवास की व्यवस्था भी संस्थान करेगा। सभी खर्चों का प्रबंधन संस्थान अपने संसाधनों से करेगा।
५. पुरस्कार वितरण समारोह राजस्थान के चूरू जिला मुख्यालय पर प्रतिवर्ष अगस्त/सितम्‍बर माह में आयोजित किया जायेगा। बशर्ते कोई अपरिहार्य कारण न हो।
६. संस्थान उचित समझे तो हिन्दी की राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रतिवर्ष विज्ञापन निकालकर पाठकों/साहित्यकारों से पुरस्कार हेतु कृति-कृतिकार के नाम की अनुशंसा मांग सकेगा।
७. विज्ञप्ति के माध्यम से पाठकों/साहित्यकारों से सिर्फ कृति-कृतिकार के नाम की अनुशंसा मांगी जायेगी। किसी कृति की प्रति नहीं मांगी जायेगी। अनुशंसित किसी कृति की अनुपलब्धता की स्थिति में जरूरत समझे तो वह कृति प्रकाशक से संस्थान स्वयं अपने खर्चे द्वारा मंगवायेगा।
८. ऐसी सूरत में आये नामों पर कार्यकारिणी विचार करेगी और योग्य रचना-रचनाकार का चयन करेगी। जरूरी हुआ तो संस्थान साहित्यकारों का तीन सदस्यीय निर्णायक मण्डल भी बना सकेगा।
९. संस्थान पुरस्कार वितरण समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हिन्दी के किसी एक लेखक-विद्वान व राज्य से किसी एक हिन्दी रचनाकार को आमंत्रित करेगा। ऐसे आमंत्रित रचनकारों के आवागमन व्यय तथा रहने-खाने का प्रबंध संस्थान अपने संसाधनों से करेगा।
१०. संस्थान जरूरी समझे तो किसी समानधर्मी दूसरे संस्थान को सहभागी बना सकेगा।
११. पुरस्कार हेतु नाम के चयन के विषय में संस्थान की अपनी स्वतंत्रता रहेगी। संस्थान कार्यकारिणी द्वारा नियमों में संशोधन-परिवर्द्धन किया जा सकेगा तथा कार्यकारिणी का हर निर्णय अंतिम व सर्वमान्य होगा।